Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 10.7.37: वे वीर पार्षद अपने शत्रुओं को दृढ निश्चयपूर्वक मार डालने में समर्थ थे। उनका पराक्रम असह्य था। वे रक्त और चर्बी पीते थे तथा आँतें और मांस खाते थे॥ 37॥ | mahabharat अध्याय 10.7: अश्वत्थामाद्वारा शिवकी स्तुति, उसके सामने एक अग्निवेदी तथा भूतगणोंका प्राकट्य और उसका आत्मसमर्पण करके भगवान् शिवसे खड्ग प्राप्त करना । mahabharat पर्व 10: सौप्तिक पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वे वीर पार्षद अपने शत्रुओं को दृढ निश्चयपूर्वक मार डालने में समर्थ थे। उनका पराक्रम असह्य था। वे रक्त और चर्बी पीते थे तथा आँतें और मांस खाते थे॥ 37॥
Those valiant councillors were capable of killing their enemies with determination. Their prowess was unbearable. They drank blood and fat and ate intestines and flesh.॥ 37॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥