Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 10.7.32-33: कुछ के शरीर नीले और गुलाबी रंग के थे। कुछ ने अपने बाल मुँड़वा लिए थे। कई लोग स्वर्णिम आभा से चमक रहे थे। वे सभी पार्षद आनंद से शंख, मृदंग, झांझ, ढोल और गोमुख बजा रहे थे। कई लोग गीत गा रहे थे और कई अन्य पार्षद नाच रहे थे। | mahabharat अध्याय 10.7: अश्वत्थामाद्वारा शिवकी स्तुति, उसके सामने एक अग्निवेदी तथा भूतगणोंका प्राकट्य और उसका आत्मसमर्पण करके भगवान् शिवसे खड्ग प्राप्त करना । mahabharat पर्व 10: सौप्तिक पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
कुछ के शरीर नीले और गुलाबी रंग के थे। कुछ ने अपने बाल मुँड़वा लिए थे। कई लोग स्वर्णिम आभा से चमक रहे थे। वे सभी पार्षद आनंद से शंख, मृदंग, झांझ, ढोल और गोमुख बजा रहे थे। कई लोग गीत गा रहे थे और कई अन्य पार्षद नाच रहे थे।
Some had their bodies colored blue and pink. Some had shaved their hair off. Many were glowing with golden glow. All those councillors were playing conch shells, Mridang, cymbals, drums and Gomukh in joy. Many were singing songs and many other councillors were dancing.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥