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श्री महाभारत  »  पर्व 10: सौप्तिक पर्व  »  अध्याय 7: अश्वत्थामाद्वारा शिवकी स्तुति, उसके सामने एक अग्निवेदी तथा भूतगणोंका प्राकट्य और उसका आत्मसमर्पण करके भगवान् शिवसे खड्ग प्राप्त करना  »  श्लोक 30
 
 
श्लोक  10.7.30 
महापाशोद्यतकरास्तथा लगुडपाणय:।
स्थूणाहस्ता: खड्गहस्ता: सर्पोच्छ्रितकिरीटिन:॥ ३०॥
 
 
अनुवाद
उनमें से कुछ के हाथों में बड़े-बड़े फंदे थे, कुछ के हाथों में लाठियाँ, खंभे और तलवारें थीं, और कुछ के सिर पर साँपों के ऊँचे मुकुट थे।
 
Some of them carried large nooses in their hands, some carried sticks, pillars and swords, and some had high crowns of snakes adorning their heads.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)