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mahabharat 10.7.28: उनके हाथों में शतघ्नी, वज्र, मूसल, भुशुण्डि, पाश और दण्ड दिखाई दे रहे थे ॥28॥   |   mahabharat अध्याय 10.7: अश्वत्थामाद्वारा शिवकी स्तुति, उसके सामने एक अग्निवेदी तथा भूतगणोंका प्राकट्य और उसका आत्मसमर्पण करके भगवान् शिवसे खड्ग प्राप्त करना   ।   mahabharat पर्व 10: सौप्तिक पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 10: सौप्तिक पर्व  »  अध्याय 7: अश्वत्थामाद्वारा शिवकी स्तुति, उसके सामने एक अग्निवेदी तथा भूतगणोंका प्राकट्य और उसका आत्मसमर्पण करके भगवान् शिवसे खड्ग प्राप्त करना  »  श्लोक 28
 
 
श्लोक  10.7.28 
शतघ्नीवज्रहस्ताश्च तथा मुसलपाणय:।
भुशुण्डीपाशहस्ताश्च दण्डहस्ताश्च भारत॥ २८॥
 
 
अनुवाद
उनके हाथों में शतघ्नी, वज्र, मूसल, भुशुण्डि, पाश और दण्ड दिखाई दे रहे थे ॥28॥
 
India Shataghni, vajra, pestle, bhushundi, noose and stick were visible in his hands. 28॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)