Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 10.7.1: संजय कहते हैं- प्रजानाथ! ऐसा विचार करके द्रोणपुत्र अश्वत्थामा रथ के आसन से उतरकर खड़ा हो गया और देवेश्वर महादेवजी को प्रणाम करके उनकी इस प्रकार स्तुति करने लगा॥1॥ | mahabharat अध्याय 10.7: अश्वत्थामाद्वारा शिवकी स्तुति, उसके सामने एक अग्निवेदी तथा भूतगणोंका प्राकट्य और उसका आत्मसमर्पण करके भगवान् शिवसे खड्ग प्राप्त करना । mahabharat पर्व 10: सौप्तिक पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
संजय कहते हैं- प्रजानाथ! ऐसा विचार करके द्रोणपुत्र अश्वत्थामा रथ के आसन से उतरकर खड़ा हो गया और देवेश्वर महादेवजी को प्रणाम करके उनकी इस प्रकार स्तुति करने लगा॥1॥
Sanjay says- Prajanath! Thinking like this, Drona's son Ashwatthama got down from the seat of the chariot and stood bowing to Deveshwar Mahadevji and started praising him like this. 1॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥