Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 10.6.15-16h: तब बुद्धिमान द्रोणपुत्र ने तुरन्त ही उस उत्तम तलवार को उस महान प्राणी पर चलाया; किन्तु तलवार उसके शरीर में घुसकर उसी प्रकार लुप्त हो गई, जैसे नेवला अपने बिल में घुस जाता है। | mahabharat अध्याय 10.6: अश्वत्थामाका शिविर-द्वारपर एक अद्भुत पुरुषको देखकर उसपर अस्त्रोंका प्रहार करना और अस्त्रोंके अभावमें चिन्तित हो भगवान् शिवकी शरणमें जाना । mahabharat पर्व 10: सौप्तिक पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तब बुद्धिमान द्रोणपुत्र ने तुरन्त ही उस उत्तम तलवार को उस महान प्राणी पर चलाया; किन्तु तलवार उसके शरीर में घुसकर उसी प्रकार लुप्त हो गई, जैसे नेवला अपने बिल में घुस जाता है।
Then the wise son of Drona immediately swung that fine sword at the great creature; but the sword entered his body and vanished like a mongoose entering its hole.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥