Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 10.6.12-13h: अश्वत्थामा के सभी बाण महातत्व द्वारा निगल लिए गए। अपने बाणों को व्यर्थ जाते देख अश्वत्थामा ने एक ऐसा रथ छोड़ा जो धधकती हुई ज्वाला के समान चमक रहा था। | mahabharat अध्याय 10.6: अश्वत्थामाका शिविर-द्वारपर एक अद्भुत पुरुषको देखकर उसपर अस्त्रोंका प्रहार करना और अस्त्रोंके अभावमें चिन्तित हो भगवान् शिवकी शरणमें जाना । mahabharat पर्व 10: सौप्तिक पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अश्वत्थामा के सभी बाण महातत्व द्वारा निगल लिए गए। अपने बाणों को व्यर्थ जाते देख अश्वत्थामा ने एक ऐसा रथ छोड़ा जो धधकती हुई ज्वाला के समान चमक रहा था।
All the arrows shot by Ashwatthama were swallowed by the great element. Seeing that his arrows had gone to waste, Ashwatthama released a chariot which was shining like a blazing flame.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥