Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 10.4.7: आप रथियों में श्रेष्ठ हैं, आपके हाथों में श्रेष्ठ अस्त्र-शस्त्र हैं। देवताओं के राजा इंद्र भी आपको पराजित करने का साहस नहीं कर सकते। 7.   |   mahabharat अध्याय 10.4: कृपाचार्यका कल प्रात:काल युद्ध करनेकी सलाह देना और अश्वत्थामाका इसी रात्रिमें सोते हुओंको मारनेका आग्रह प्रकट करना   ।   mahabharat पर्व 10: सौप्तिक पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 10: सौप्तिक पर्व  »  अध्याय 4: कृपाचार्यका कल प्रात:काल युद्ध करनेकी सलाह देना और अश्वत्थामाका इसी रात्रिमें सोते हुओंको मारनेका आग्रह प्रकट करना  »  श्लोक 7
 
 
श्लोक  10.4.7 
न हि त्वां रथिनां श्रेष्ठं प्रगृहीतवरायुधम्।
जेतुमुत्सहते शश्वदपि देवेषु वासव:॥ ७॥
 
 
अनुवाद
आप रथियों में श्रेष्ठ हैं, आपके हाथों में श्रेष्ठ अस्त्र-शस्त्र हैं। देवताओं के राजा इंद्र भी आपको पराजित करने का साहस नहीं कर सकते। 7.
 
You are the best among charioteers, you have the best weapons in your hands. Even Indra, the king of the gods, can never dare to defeat you. 7.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)