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mahabharat 10.4.6: माननीय! अपनी थकान मिटाकर और पर्याप्त नींद लेकर, आपका मन स्वस्थ हो जाएगा। फिर आप युद्धभूमि में जाकर अपने शत्रुओं का संहार कर सकेंगे, इसमें कोई संदेह नहीं है।   |   mahabharat अध्याय 10.4: कृपाचार्यका कल प्रात:काल युद्ध करनेकी सलाह देना और अश्वत्थामाका इसी रात्रिमें सोते हुओंको मारनेका आग्रह प्रकट करना   ।   mahabharat पर्व 10: सौप्तिक पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 10: सौप्तिक पर्व  »  अध्याय 4: कृपाचार्यका कल प्रात:काल युद्ध करनेकी सलाह देना और अश्वत्थामाका इसी रात्रिमें सोते हुओंको मारनेका आग्रह प्रकट करना  »  श्लोक 6
 
 
श्लोक  10.4.6 
विश्रान्तश्च विनिद्रश्च स्वस्थचित्तश्च मानद।
समेत्य समरे शत्रून् वधिष्यसि न संशय:॥ ६॥
 
 
अनुवाद
माननीय! अपनी थकान मिटाकर और पर्याप्त नींद लेकर, आपका मन स्वस्थ हो जाएगा। फिर आप युद्धभूमि में जाकर अपने शत्रुओं का संहार कर सकेंगे, इसमें कोई संदेह नहीं है।
 
Honorable! By getting rid of your tiredness and getting enough sleep, your mind will become healthy. Then you will be able to go to the battlefield and kill your enemies, there is no doubt about it. 6.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)