Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 10.4.12-13: आज रात को तुम अपनी बेचैनी छोड़कर शांति से सो जाओ। कल प्रातः जब तुम युद्ध के लिए प्रस्थान करोगे, तो मैं और शत्रुओं को संताप देने वाले कृतवर्मा धनुष लेकर तुम्हारे पीछे चलेंगे। हम दोनों कवच धारण करके रथ पर सवार होकर सारथी अश्वत्थामा के साथ बड़ी शीघ्रता से आगे बढ़ेंगे। | mahabharat अध्याय 10.4: कृपाचार्यका कल प्रात:काल युद्ध करनेकी सलाह देना और अश्वत्थामाका इसी रात्रिमें सोते हुओंको मारनेका आग्रह प्रकट करना । mahabharat पर्व 10: सौप्तिक पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
आज रात को तुम अपनी बेचैनी छोड़कर शांति से सो जाओ। कल प्रातः जब तुम युद्ध के लिए प्रस्थान करोगे, तो मैं और शत्रुओं को संताप देने वाले कृतवर्मा धनुष लेकर तुम्हारे पीछे चलेंगे। हम दोनों कवच धारण करके रथ पर सवार होकर सारथी अश्वत्थामा के साथ बड़ी शीघ्रता से आगे बढ़ेंगे।
You should rest and sleep peacefully tonight, leaving behind your restlessness. Tomorrow morning, when you set out for the battle, I and Kritavarma, who torments the enemies, will follow you, carrying bows. Both of us, wearing armour and riding on the chariot, will travel with the charioteer Ashwatthama, moving ahead in great haste.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥