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श्री महाभारत
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पर्व 10: सौप्तिक पर्व
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अध्याय 3: अश्वत्थामाका कृपाचार्य और कृतवर्माको उत्तर देते हुए उन्हें अपना क्रूरतापूर्ण निश्चय बताना
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श्लोक 36
श्लोक
10.3.36
अद्य पाञ्चालसेनां तां निहत्य निशि सौप्तिके।
कृतकृत्य: सुखी चैव भविष्यामि महामते॥ ३६॥
अनुवाद
महामते! आज रात को यदि मैं उस पांचाल सेना को सोते हुए मार डालूँ तो मुझे संतोष और प्रसन्नता होगी।'
Mahamate! Tonight I will be satisfied and happy if I kill that Panchala army while they are sleeping.'
इति श्रीमहाभारते सौप्तिकपर्वणि द्रौणिमन्त्राणायां तृतीयोऽध्याय:॥ ३॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत सौप्तिकपर्वमें अश्वत्थामाकी मन्त्रणाविषयक तीसरा अध्याय पूरा हुआ॥ ३॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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