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mahabharat 10.3.31: आज मैं युद्धस्थल में सम्पूर्ण पांचालों को मारकर उनके टुकड़े-टुकड़े कर दूँगा और हर्ष और उत्साह में भरकर पाण्डवों को भी कुचल दूँगा॥ 31॥   |   mahabharat अध्याय 10.3: अश्वत्थामाका कृपाचार्य और कृतवर्माको उत्तर देते हुए उन्हें अपना क्रूरतापूर्ण निश्चय बताना   ।   mahabharat पर्व 10: सौप्तिक पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 10: सौप्तिक पर्व  »  अध्याय 3: अश्वत्थामाका कृपाचार्य और कृतवर्माको उत्तर देते हुए उन्हें अपना क्रूरतापूर्ण निश्चय बताना  »  श्लोक 31
 
 
श्लोक  10.3.31 
अद्याहं सर्वपञ्चालान् निहत्य च निकृत्य च।
अर्दयिष्यामि संहृष्टो रणे पाण्डुसुतांस्तथा॥ ३१॥
 
 
अनुवाद
आज मैं युद्धस्थल में सम्पूर्ण पांचालों को मारकर उनके टुकड़े-टुकड़े कर दूँगा और हर्ष और उत्साह में भरकर पाण्डवों को भी कुचल दूँगा॥ 31॥
 
Today, I shall kill all the Panchalas on the battlefield, tear them into pieces, and filled with joy and enthusiasm, I shall crush the Pandavas as well.॥ 31॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)