Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 10.2.31-32h: पूछने पर विद्वान हितैषी को चाहिए कि वह अपनी बुद्धि से अपने कर्मों का मूल कारण निश्चित करके जो भी उपदेश दे, उसका पालन करे। ॥31 1/2॥ | mahabharat अध्याय 10.2: कृपाचार्यका अश्वत्थामाको दैवकी प्रबलता बताते हुए कर्तव्यके विषयमें सत्पुरुषोंसे सलाह लेनेकी प्रेरणा देना । mahabharat पर्व 10: सौप्तिक पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
पूछने पर विद्वान हितैषी को चाहिए कि वह अपनी बुद्धि से अपने कर्मों का मूल कारण निश्चित करके जो भी उपदेश दे, उसका पालन करे। ॥31 1/2॥
When asked, the learned well-wisher should follow whatever advice he gives after determining the root cause of his actions with his intellect. ॥ 31 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥