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न हि दैवेन सिध्यन्ति कार्याण्येकेन सत्तम।
न चापि कर्मणैकेन द्वाभ्यां सिद्धस्तु योगत:॥ ३॥
अनुवाद
हे सत्पुरुषों में श्रेष्ठ अश्वत्थामा! कार्य केवल ईश्वर, भाग्य या केवल पुरुषार्थ से ही सिद्ध नहीं होते। सफलता तो दोनों के संयोग से ही प्राप्त होती है।
Ashvatthaman, the best among good men! Tasks are not accomplished only by God or destiny or by efforts alone. Success is achieved only by the combination of both.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥