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श्लोक 10.2.19  |
हीनं पुरुषकारेण यदि दैवेन वा पुन:।
कारणाभ्यामथैताभ्यामुत्थानमफलं भवेत्॥ १९॥ |
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| अनुवाद |
| ईश्वर-प्रयत्न रहित या ईश्वर-रहित-इन दो कारणों से मनुष्य का उद्योग निष्फल हो जाता है ॥19॥ |
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| God without effort or Godless effort - due to these two reasons man's industry becomes fruitless. 19॥ |
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