Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 10.18.4: जब देवताओं ने उन्हें यज्ञ में कोई हिस्सा नहीं दिया, तो बाघ की खाल पहने भगवान शिव ने उन्हें दबाने का उपाय ढूंढ़ने की इच्छा की और सबसे पहले धनुष का निर्माण किया। | mahabharat अध्याय 10.18: महादेवजीके कोपसे देवता, यज्ञ और जगत्की दुरवस्था तथा उनके प्रसादसे सबका स्वस्थ होना । mahabharat पर्व 10: सौप्तिक पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जब देवताओं ने उन्हें यज्ञ में कोई हिस्सा नहीं दिया, तो बाघ की खाल पहने भगवान शिव ने उन्हें दबाने का उपाय ढूंढ़ने की इच्छा की और सबसे पहले धनुष का निर्माण किया।
When the gods did not assign them any share in the sacrifices, Lord Shiva, wearing a tiger's skin, desired to procure a means to suppress them, and first created the bow.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥