श्री महाभारत  »  पर्व 10: सौप्तिक पर्व  »  अध्याय 18: महादेवजीके कोपसे देवता, यज्ञ और जगत‍्की दुरवस्था तथा उनके प्रसादसे सबका स्वस्थ होना  »  श्लोक 25
 
 
श्लोक  10.18.25 
ततस्ते निहता: सर्वे तव पुत्रा महारथा:।
अन्ये च बहव: शूरा: पाञ्चालस्य पदानुगा:॥ २५॥
 
 
अनुवाद
इसीलिए उसने आपके सभी पराक्रमी पुत्रों तथा पांचाल नरेश के साथ आये अन्य अनेक वीर योद्धाओं को मार डाला।
 
That is why he killed all your mighty sons and many other valiant warriors who followed the King of Panchala. 25.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)