Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 10.18.24: हे राजन! जब भगवान शिव क्रोधित हुए तो सारा जगत अस्थिर हो गया और जब वे प्रसन्न हुए तो पुनः स्थिर हो गया। वही शक्तिशाली भगवान शिव अश्वत्थामा पर प्रसन्न हुए॥ 24॥ | mahabharat अध्याय 10.18: महादेवजीके कोपसे देवता, यज्ञ और जगत्की दुरवस्था तथा उनके प्रसादसे सबका स्वस्थ होना । mahabharat पर्व 10: सौप्तिक पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तस्मिन् क्रुद्धेऽभवत् सर्वमसुस्थं भुवनं प्रभो।
प्रसन्ने च पुन: सुस्थं प्रसन्नोऽस्य च वीर्यवान्॥ २४॥
अनुवाद
हे राजन! जब भगवान शिव क्रोधित हुए तो सारा जगत अस्थिर हो गया और जब वे प्रसन्न हुए तो पुनः स्थिर हो गया। वही शक्तिशाली भगवान शिव अश्वत्थामा पर प्रसन्न हुए॥ 24॥
King! When Lord Shiva became angry the whole world became unstable and when he became pleased it again became stable. The same powerful Lord Shiva became pleased with Ashwatthama.॥ 24॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥