श्री महाभारत  »  पर्व 10: सौप्तिक पर्व  »  अध्याय 18: महादेवजीके कोपसे देवता, यज्ञ और जगत‍्की दुरवस्था तथा उनके प्रसादसे सबका स्वस्थ होना  »  श्लोक 23
 
 
श्लोक  10.18.23 
तत: सुस्थमिदं सर्वं बभूव पुनरेव हि।
सर्वाणि च हवींष्यस्य देवा भागमकल्पयन्॥ २३॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् सम्पूर्ण जगत पुनः स्थिर हो गया। देवताओं ने समस्त हवि में से महादेवजी के लिए भाग निर्धारित किया।
 
Thereafter the whole world became stable again. The gods allocated a share for Mahadevji from all the offerings.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)