श्री महाभारत  »  पर्व 10: सौप्तिक पर्व  »  अध्याय 18: महादेवजीके कोपसे देवता, यज्ञ और जगत‍्की दुरवस्था तथा उनके प्रसादसे सबका स्वस्थ होना  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  10.18.16 
त्र्यम्बक: सवितुर्बाहू भगस्य नयने तथा।
पूष्णश्च दशनान् क्रुद्धो धनुष्कोटॺा व्यशातयत्॥ १६॥
 
 
अनुवाद
उस समय त्रिनेत्रधारी भगवान शिव क्रोधित हो उठे और उन्होंने धनुष से सविता की दोनों भुजाएँ काट दीं, भग की आँखें फोड़ दीं और पूषा के सारे दाँत तोड़ डाले।
 
At that time the three-eyed Lord Shiva became enraged and cut off both the arms of Savita with the bow and gouged out the eyes of Bhaga and broke all the teeth of Pusha.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)