श्री महाभारत  »  पर्व 10: सौप्तिक पर्व  »  अध्याय 16: श्रीकृष्णसे शाप पाकर अश्वत्थामाका वनको प्रस्थान तथा पाण्डवोंका मणि देकर द्रौपदीको शान्त करना  »  श्लोक 7
 
 
श्लोक  10.16.7 
पतिष्यति तद स् त्रं हि गर्भे तस्या मयोद्यतम्।
विराटदुहितु: कृष्ण यं त्वं रक्षितुमिच्छसि॥ ७॥
 
 
अनुवाद
"हे कृष्ण! मेरे द्वारा चलाया गया अस्त्र विराट की पुत्री उत्तरा के गर्भ पर पड़ेगा, जिसकी आप रक्षा करना चाहते हैं।"
 
"Lord Krishna! The weapon fired by me will fall on the womb of Uttara, daughter of Virat, whom you want to protect."
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)