Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 10.16.1: वैशम्पायनजी कहते हैं- राजन! भगवान श्रीकृष्ण यह जानकर बहुत प्रसन्न हुए कि पापी अश्वत्थामा ने पाण्डवों के गर्भ पर अपना अस्त्र छोड़ दिया है। उस समय उन्होंने द्रोणपुत्र से इस प्रकार कहा- 1॥ | mahabharat अध्याय 10.16: श्रीकृष्णसे शाप पाकर अश्वत्थामाका वनको प्रस्थान तथा पाण्डवोंका मणि देकर द्रौपदीको शान्त करना । mahabharat पर्व 10: सौप्तिक पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वैशम्पायनजी कहते हैं- राजन! भगवान श्रीकृष्ण यह जानकर बहुत प्रसन्न हुए कि पापी अश्वत्थामा ने पाण्डवों के गर्भ पर अपना अस्त्र छोड़ दिया है। उस समय उन्होंने द्रोणपुत्र से इस प्रकार कहा- 1॥
Vaishampayanji says- Rajan! Lord Shri Krishna was very happy to know that the sinner Ashwatthama left his weapon on the womb of Pandavas. At that time he said to Drona's son thus: 1॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥