Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 10.15.26: आपका क्रोध शान्त हो और पाण्डव भी स्वस्थ रहें। पाण्डुपुत्र राजा युधिष्ठिर अधर्म के द्वारा किसी को परास्त नहीं करना चाहते॥ 26॥ | mahabharat अध्याय 10.15: वेदव्यासजीकी आज्ञासे अर्जुनके द्वारा अपने अस्त्रका उपसंहार तथा अश्वत्थामाका अपनी मणि देकर पाण्डवोंके गर्भोंपर दिव्यास्त्र छोड़ना । mahabharat पर्व 10: सौप्तिक पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
आपका क्रोध शान्त हो और पाण्डव भी स्वस्थ रहें। पाण्डुपुत्र राजा युधिष्ठिर अधर्म के द्वारा किसी को परास्त नहीं करना चाहते॥ 26॥
May your anger be pacified and may the Pandavas also remain healthy. King Yudhishthira, son of Pandu, does not wish to defeat anyone through unrighteousness.॥ 26॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥