vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री महाभारत
»
पर्व 10: सौप्तिक पर्व
»
अध्याय 13: श्रीकृष्ण, अर्जुन और युधिष्ठिरका भीमसेनके पीछे जाना, भीमका गंगातटपर पहुँचकर अश्वत्थामाको ललकारना और अश्वत्थामाके द्वारा ब्रह्मास्त्रका प्रयोग
»
श्लोक 11
श्लोक
10.13.11
ते समार्च्छन्नरव्याघ्रा: क्षणेन भरतर्षभ।
भीमसेनं महेष्वासं समनुद्रुत्य वेगिता:॥ ११॥
अनुवाद
भरतश्रेष्ठ! वे तीनों श्रेष्ठ पुरुष बड़े वेग से एक-दूसरे के पीछे दौड़े और क्षण भर में महाधनुर्धर भीमसेन के पास पहुँच गए॥11॥
Bharatshrestha! Those three best men ran after each other with great speed and in a moment reached the great archer Bhimsen. 11 ॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×