vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री महाभारत
»
पर्व 10: सौप्तिक पर्व
»
अध्याय 12: श्रीकृष्णका अश्वत्थामाकी चपलता एवं क्रूरताके प्रसंगमें सुदर्शनचक्र माँगनेकी बात सुनाते हुए उससे भीमसेनकी रक्षाके लिये प्रयत्न करनेका आदेश देना
»
श्लोक 5
श्लोक
10.12.5
तन्महात्मा महाभाग: केतु: सर्वधनुष्मताम्।
प्रत्यपादयदाचार्य: प्रीयमाणो धनंजयम्॥ ५॥
अनुवाद
सभी धनुर्धरों के नेता महात्मा द्रोणाचार्य ने प्रसन्न होकर सबसे पहले वह अस्त्र अर्जुन को दिया।
‘The great Mahatma Dronacharya, the leader of all archers, was pleased and first gave that weapon to Arjun.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×