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श्री महाभारत
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पर्व 10: सौप्तिक पर्व
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अध्याय 12: श्रीकृष्णका अश्वत्थामाकी चपलता एवं क्रूरताके प्रसंगमें सुदर्शनचक्र माँगनेकी बात सुनाते हुए उससे भीमसेनकी रक्षाके लिये प्रयत्न करनेका आदेश देना
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श्लोक 33
श्लोक
10.12.33
रामेणातिबलेनैतन्नोक्तपूर्वं कदाचन।
न गदेन न साम्बेन यदिदं प्रार्थितं त्वया॥ ३३॥
अनुवाद
"महाबली बलराम ने भी पहले कभी ऐसी बात नहीं कही। तुमने जो माँगा है, उसे गद और साम्ब ने भी कभी लेने की इच्छा नहीं की थी।
“Even the very powerful Balarama has never said such a thing before. What you have asked for, even Gad and Samba never desired to take it.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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