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mahabharat 10.12.22: "लेकिन वह उसे अपनी जगह से हिला भी नहीं सका। फिर उसने उसे अपने दाहिने हाथ से उठाने की कोशिश की।"   |   mahabharat अध्याय 10.12: श्रीकृष्णका अश्वत्थामाकी चपलता एवं क्रूरताके प्रसंगमें सुदर्शनचक्र माँगनेकी बात सुनाते हुए उससे भीमसेनकी रक्षाके लिये प्रयत्न करनेका आदेश देना   ।   mahabharat पर्व 10: सौप्तिक पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 10: सौप्तिक पर्व  »  अध्याय 12: श्रीकृष्णका अश्वत्थामाकी चपलता एवं क्रूरताके प्रसंगमें सुदर्शनचक्र माँगनेकी बात सुनाते हुए उससे भीमसेनकी रक्षाके लिये प्रयत्न करनेका आदेश देना  »  श्लोक 22
 
 
श्लोक  10.12.22 
न चैनमशकत् स्थानात् संचालयितुमप्युत।
अथैनं दक्षिणेनापि गृहीतुमुपचक्रमे॥ २२॥
 
 
अनुवाद
"लेकिन वह उसे अपनी जगह से हिला भी नहीं सका। फिर उसने उसे अपने दाहिने हाथ से उठाने की कोशिश की।"
 
‘But he could not even move it from its place. Then he started trying to lift it with his right hand.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)