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श्री महाभारत
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पर्व 10: सौप्तिक पर्व
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अध्याय 12: श्रीकृष्णका अश्वत्थामाकी चपलता एवं क्रूरताके प्रसंगमें सुदर्शनचक्र माँगनेकी बात सुनाते हुए उससे भीमसेनकी रक्षाके लिये प्रयत्न करनेका आदेश देना
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श्लोक 19
श्लोक
10.12.19
यच्छक्नोषि समुद्यन्तुं प्रयोक्तुमपि वा रणे।
तद् गृहाण विना स् त्रेण यन्मे दातुमभीप्ससि॥ १९॥
अनुवाद
जो अस्त्र तुम मुझे देना चाहते हो, उसे न देकर केवल मेरा वही अस्त्र ले लो, जिसे तुम उठा सको अथवा युद्धभूमि में चला सको।॥19॥
“Without giving me the weapon that you wish to give me, take only that weapon of mine which you can lift or use on the battlefield.”॥ 19॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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