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श्री महाभारत
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पर्व 10: सौप्तिक पर्व
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अध्याय 12: श्रीकृष्णका अश्वत्थामाकी चपलता एवं क्रूरताके प्रसंगमें सुदर्शनचक्र माँगनेकी बात सुनाते हुए उससे भीमसेनकी रक्षाके लिये प्रयत्न करनेका आदेश देना
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श्लोक 16
श्लोक
10.12.16
स राजन् प्रीयमाणेन मयाप्युक्त: कृताञ्जलि:।
याचमान: प्रयत्नेन मत्तोऽस्त्रं भरतर्षभ॥ १६॥
अनुवाद
भरतश्रेष्ठ! वह हाथ जोड़कर बड़ी यत्नपूर्वक मुझसे शस्त्र माँग रहा था, तब मैंने भी प्रसन्नतापूर्वक उससे कहा-॥16॥
'Bhaarat's best! With folded hands he was begging me for a weapon with great effort, then I too happily told him -॥ 16॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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