Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 10.11.7: खिले हुए कमल के समान विशाल और मनोहर नेत्रों वाली द्रौपदी अचानक शोक से ग्रस्त हो गयी और राहु से पीड़ित सूर्य के समान पीली पड़ गयी। | mahabharat अध्याय 10.11: युधिष्ठिरका शोकमें व्याकुल होना, द्रौपदीका विलाप तथा द्रोणकुमारके वधके लिये आग्रह, भीमसेनका अश्वत्थामाको मारनेके लिये प्रस्थान । mahabharat पर्व 10: सौप्तिक पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
बभूव वदनं तस्या: सहसा शोककर्षितम्।
फुल्लपद्मपलाशाक्ष्यास्तमोग्रस्त इवांशुमान्॥ ७॥
अनुवाद
खिले हुए कमल के समान विशाल और मनोहर नेत्रों वाली द्रौपदी अचानक शोक से ग्रस्त हो गयी और राहु से पीड़ित सूर्य के समान पीली पड़ गयी।
Draupadi, who had large and charming eyes like the blooming lotus, suddenly became afflicted with grief and became as pale as the Sun afflicted by Rahu.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥