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mahabharat 10.11.6: राजा युधिष्ठिर के पास पहुँचकर कृष्ण दुःख से व्याकुल होकर हवा से हिलते हुए केले के वृक्ष की भाँति भूमि पर गिर पड़े।   |   mahabharat अध्याय 10.11: युधिष्ठिरका शोकमें व्याकुल होना, द्रौपदीका विलाप तथा द्रोणकुमारके वधके लिये आग्रह, भीमसेनका अश्वत्थामाको मारनेके लिये प्रस्थान   ।   mahabharat पर्व 10: सौप्तिक पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 10: सौप्तिक पर्व  »  अध्याय 11: युधिष्ठिरका शोकमें व्याकुल होना, द्रौपदीका विलाप तथा द्रोणकुमारके वधके लिये आग्रह, भीमसेनका अश्वत्थामाको मारनेके लिये प्रस्थान  »  श्लोक 6
 
 
श्लोक  10.11.6 
कम्पमानेव कदली वातेनाभिसमीरिता।
कृष्णा राजानमासाद्य शोकार्ता न्यपतद् भुवि॥ ६॥
 
 
अनुवाद
राजा युधिष्ठिर के पास पहुँचकर कृष्ण दुःख से व्याकुल होकर हवा से हिलते हुए केले के वृक्ष की भाँति भूमि पर गिर पड़े।
 
On reaching King Yudhishthira, Krishna, overwhelmed with grief, fell on the ground shaking like a banana tree shaken by the wind.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)