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mahabharat 10.11.5: उस समय द्रौपदी उपप्लव्य नगरी में गई हुई थी। वहाँ अपने सभी पुत्रों की मृत्यु का दुःखद समाचार सुनकर वह अत्यंत दुःखी हुई ॥5॥   |   mahabharat अध्याय 10.11: युधिष्ठिरका शोकमें व्याकुल होना, द्रौपदीका विलाप तथा द्रोणकुमारके वधके लिये आग्रह, भीमसेनका अश्वत्थामाको मारनेके लिये प्रस्थान   ।   mahabharat पर्व 10: सौप्तिक पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 10: सौप्तिक पर्व  »  अध्याय 11: युधिष्ठिरका शोकमें व्याकुल होना, द्रौपदीका विलाप तथा द्रोणकुमारके वधके लिये आग्रह, भीमसेनका अश्वत्थामाको मारनेके लिये प्रस्थान  »  श्लोक 5
 
 
श्लोक  10.11.5 
उपप्लव्यं गता सा तु श्रुत्वा सुमहदप्रियम्।
तदा विनाशं सर्वेषां पुत्राणां व्यथिताभवत्॥ ५॥
 
 
अनुवाद
उस समय द्रौपदी उपप्लव्य नगरी में गई हुई थी। वहाँ अपने सभी पुत्रों की मृत्यु का दुःखद समाचार सुनकर वह अत्यंत दुःखी हुई ॥5॥
 
At that time Draupadi had gone to the city of Upaplavya. There she was extremely distressed on hearing the unpleasant news of the death of all her sons. ॥ 5॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)