Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 10.11.4: उसी समय पराक्रमी नकुल सूर्य के समान तेजस्वी रथ पर सवार होकर वहाँ आये, उनके साथ शोक से अत्यन्त व्याकुल श्रीकृष्ण भी थे। | mahabharat अध्याय 10.11: युधिष्ठिरका शोकमें व्याकुल होना, द्रौपदीका विलाप तथा द्रोणकुमारके वधके लिये आग्रह, भीमसेनका अश्वत्थामाको मारनेके लिये प्रस्थान । mahabharat पर्व 10: सौप्तिक पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उसी समय पराक्रमी नकुल सूर्य के समान तेजस्वी रथ पर सवार होकर वहाँ आये, उनके साथ शोक से अत्यन्त व्याकुल श्रीकृष्ण भी थे।
At that very time the powerful Nakula arrived there riding a chariot as resplendent as the Sun, accompanied by Krishna who was extremely distressed with grief.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥