Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 10.11.23: हे वीर! जिस प्रकार इन्द्र ने शम्बरासुर का वध किया था, उसी प्रकार तुम भी उस पापी अश्वत्थामा का वध करो। इस संसार में कोई भी ऐसा पुरुष नहीं है जो वीरता में तुम्हारी बराबरी कर सके॥ 23॥ | mahabharat अध्याय 10.11: युधिष्ठिरका शोकमें व्याकुल होना, द्रौपदीका विलाप तथा द्रोणकुमारके वधके लिये आग्रह, भीमसेनका अश्वत्थामाको मारनेके लिये प्रस्थान । mahabharat पर्व 10: सौप्तिक पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जहि तं पापकर्माणं शम्बरं मघवानिव।
न हि ते विक्रमे तुल्य: पुमानस्तीह कश्चन॥ २३॥
अनुवाद
हे वीर! जिस प्रकार इन्द्र ने शम्बरासुर का वध किया था, उसी प्रकार तुम भी उस पापी अश्वत्थामा का वध करो। इस संसार में कोई भी ऐसा पुरुष नहीं है जो वीरता में तुम्हारी बराबरी कर सके॥ 23॥
Valiant! Just as Indra killed Shambarasur, you should also kill that sinner Ashwatthama in the same manner. There is no man in this world who can match you in valour.॥ 23॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥