Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 10.11.12: यह सुनकर भी कि तुम्हारे वीर पुत्र क्षत्रिय धर्म के अनुसार मारे गये हैं, तुम उपप्लव्यनगर में मेरे साथ रहते हुए उन्हें पूरी तरह भूल जाओगे; यह भी भाग्य की बात है। | mahabharat अध्याय 10.11: युधिष्ठिरका शोकमें व्याकुल होना, द्रौपदीका विलाप तथा द्रोणकुमारके वधके लिये आग्रह, भीमसेनका अश्वत्थामाको मारनेके लिये प्रस्थान । mahabharat पर्व 10: सौप्तिक पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यह सुनकर भी कि तुम्हारे वीर पुत्र क्षत्रिय धर्म के अनुसार मारे गये हैं, तुम उपप्लव्यनगर में मेरे साथ रहते हुए उन्हें पूरी तरह भूल जाओगे; यह भी भाग्य की बात है।
Even after hearing that your brave sons have been killed in accordance with the Kshatriya Dharma, you will completely forget them while staying with me in Upaplavyanagara; this too is a matter of fate.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥