Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 10.1.67: कई योद्धा सैकड़ों हाथियों के समान बलवान थे और कई तो सभी प्रकार के अस्त्र-शस्त्र चलाने में निपुण थे; फिर भी पांडवों ने उन सभी को मार डाला। मुझे लगता है कि यह समय का फेर है।' | mahabharat अध्याय 10.1: तीनों महारथियोंका एक वनमें विश्राम, कौओंपर उल्लूका आक्रमण देख अश्वत्थामाके मनमें क्रूर संकल्पका उदय तथा अपने दोनों साथियोंसे उसका सलाह पूछना । mahabharat पर्व 10: सौप्तिक पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
कई योद्धा सैकड़ों हाथियों के समान बलवान थे और कई तो सभी प्रकार के अस्त्र-शस्त्र चलाने में निपुण थे; फिर भी पांडवों ने उन सभी को मार डाला। मुझे लगता है कि यह समय का फेर है।'
‘Many warriors were as strong as hundreds of elephants and many were skilled in the art of using all the weapons; but the Pandavas killed them all. I think this is just a twist of time.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥