Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 10.1.43-44h: शत्रुओं का संहार करने वाला वह उल्लू उन कौओं को मारकर और अपनी इच्छानुसार शत्रुओं से पूरा बदला लेकर बहुत प्रसन्न हुआ॥43 1/2॥ | mahabharat अध्याय 10.1: तीनों महारथियोंका एक वनमें विश्राम, कौओंपर उल्लूका आक्रमण देख अश्वत्थामाके मनमें क्रूर संकल्पका उदय तथा अपने दोनों साथियोंसे उसका सलाह पूछना । mahabharat पर्व 10: सौप्तिक पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
शत्रुओं का संहार करने वाला वह उल्लू उन कौओं को मारकर और अपनी इच्छानुसार शत्रुओं से पूरा बदला लेकर बहुत प्रसन्न हुआ॥43 1/2॥
That owl, the slayer of enemies, was very happy after having killed those crows and having taken full revenge from his enemies as per his wish. ॥ 43 1/2 ॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥