Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 10.1.29-30: कौरवों और पाण्डवों के विनाश का शोक मनाते हुए, तीनों वीर वटवृक्ष के पास बैठकर भूमि पर लेट गए। उनके शरीर निद्रा से दुर्बल हो गए थे। वे थक गए थे और उनके शरीर नाना प्रकार के बाणों से घायल हो गए थे। | mahabharat अध्याय 10.1: तीनों महारथियोंका एक वनमें विश्राम, कौओंपर उल्लूका आक्रमण देख अश्वत्थामाके मनमें क्रूर संकल्पका उदय तथा अपने दोनों साथियोंसे उसका सलाह पूछना । mahabharat पर्व 10: सौप्तिक पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
कौरवों और पाण्डवों के विनाश का शोक मनाते हुए, तीनों वीर वटवृक्ष के पास बैठकर भूमि पर लेट गए। उनके शरीर निद्रा से दुर्बल हो गए थे। वे थक गए थे और उनके शरीर नाना प्रकार के बाणों से घायल हो गए थे।
Sitting near the banyan tree and mourning the destruction of the Kauravas and the Pandavas, the three heroes lay down on the ground, all their bodies weakened by sleep. They were exhausted and all their bodies were wounded by various kinds of arrows.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥