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mahabharat 10.1.22: राजा! मनुष्यों में श्रेष्ठ उन महारथियों ने पास जाकर उस उत्तम पौधे (बरगद के वृक्ष) को देखा।   |   mahabharat अध्याय 10.1: तीनों महारथियोंका एक वनमें विश्राम, कौओंपर उल्लूका आक्रमण देख अश्वत्थामाके मनमें क्रूर संकल्पका उदय तथा अपने दोनों साथियोंसे उसका सलाह पूछना   ।   mahabharat पर्व 10: सौप्तिक पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 10: सौप्तिक पर्व  »  अध्याय 1: तीनों महारथियोंका एक वनमें विश्राम, कौओंपर उल्लूका आक्रमण देख अश्वत्थामाके मनमें क्रूर संकल्पका उदय तथा अपने दोनों साथियोंसे उसका सलाह पूछना  »  श्लोक 22
 
 
श्लोक  10.1.22 
उपेत्य तु तदा राजन् न्यग्रोधं ते महारथा:।
ददृशुर्द्विपदां श्रेष्ठा: श्रेष्ठं तं वै वनस्पतिम्॥ २२॥
 
 
अनुवाद
राजा! मनुष्यों में श्रेष्ठ उन महारथियों ने पास जाकर उस उत्तम पौधे (बरगद के वृक्ष) को देखा।
 
King! Those great warriors, the best among humans, went near and saw that excellent plant (banyan tree).
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)