Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 10.1.17: संजय ने कहा - हे राजन! आपके पक्ष के वे तीनों वीर वहाँ से थोड़ी दूर जाकर खड़े हो गए। वहाँ उन्होंने नाना प्रकार के वृक्षों और लताओं से भरा एक भयानक वन देखा। | mahabharat अध्याय 10.1: तीनों महारथियोंका एक वनमें विश्राम, कौओंपर उल्लूका आक्रमण देख अश्वत्थामाके मनमें क्रूर संकल्पका उदय तथा अपने दोनों साथियोंसे उसका सलाह पूछना । mahabharat पर्व 10: सौप्तिक पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
संजय ने कहा - हे राजन! आपके पक्ष के वे तीनों वीर वहाँ से थोड़ी दूर जाकर खड़े हो गए। वहाँ उन्होंने नाना प्रकार के वृक्षों और लताओं से भरा एक भयानक वन देखा।
Sanjaya said- O King! Those three brave men from your side went and stood a little distance away from there. There they saw a dreadful forest filled with various kinds of trees and creepers.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥