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श्री महाभारत
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पर्व 10: सौप्तिक पर्व
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अध्याय 1: तीनों महारथियोंका एक वनमें विश्राम, कौओंपर उल्लूका आक्रमण देख अश्वत्थामाके मनमें क्रूर संकल्पका उदय तथा अपने दोनों साथियोंसे उसका सलाह पूछना
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श्लोक 16
श्लोक
10.1.16
अधर्मेण हते तात पुत्रे दुर्योधने मम।
कृतवर्मा कृपो द्रौणि: किमकुर्वत संजय॥ १६॥
अनुवाद
प्रिय संजय! अब मुझे बताओ कि जब मेरे पुत्र दुर्योधन को अन्यायपूर्वक मार डाला गया, तब कृतवर्मा, कृपाचार्य और अश्वत्थामा ने क्या किया?॥16॥
Dear Sanjaya, now tell me what did Kritavarma, Kripacharya and Ashvatthama do when my son Duryodhana was killed unjustly?॥ 16॥
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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