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mahabharat 1.99.3: जाह्नवी! वसु तो सम्पूर्ण लोकों के स्वामी हैं, फिर वे मनुष्य लोक में किस प्रकार उत्पन्न हुए? ये सब बातें मुझसे कहो॥3॥   |   mahabharat अध्याय 1.99: महर्षि वसिष्ठद्वारा वसुओंको शाप प्राप्त होनेकी कथा   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 99: महर्षि वसिष्ठद्वारा वसुओंको शाप प्राप्त होनेकी कथा  »  श्लोक 3
 
 
श्लोक  1.99.3 
ईशा वै सर्वलोकस्य वसवस्ते च वै कथम्।
मानुषेषूदपद्यन्त तन्ममाचक्ष्व जाह्नवि॥ ३॥
 
 
अनुवाद
जाह्नवी! वसु तो सम्पूर्ण लोकों के स्वामी हैं, फिर वे मनुष्य लोक में किस प्रकार उत्पन्न हुए? ये सब बातें मुझसे कहो॥3॥
 
Jahnavi! Vasus are the lords of all the worlds, how did they come into existence in the human world? Tell me all these things. ॥ 3॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)