Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.99.22-23: 'उसका नाम जितवती है। वह सुन्दर रूप और यौवन से सुशोभित है। वह सत्यवादी बुद्धिमान राजा उशीनर की पुत्री है। वह अपनी सुन्दरता और धन के कारण मनुष्यों के लोक में अत्यन्त विख्यात है। हे भाग्यवान! मुझे उसके लिए बछड़े सहित यह गाय खरीदने की बड़ी इच्छा हो रही है।॥ 22-23॥ | mahabharat अध्याय 1.99: महर्षि वसिष्ठद्वारा वसुओंको शाप प्राप्त होनेकी कथा । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
नाम्ना जितवती नाम रूपयौवनशालिनी।
उशीनरस्य राजर्षे: सत्यसंधस्य धीमत:॥ २२॥
दुहिता प्रथिता लोके मानुषे रूपसम्पदा।
तस्या हेतोर्महाभाग सवत्सां गां ममेप्सिताम्॥ २३॥
अनुवाद
'उसका नाम जितवती है। वह सुन्दर रूप और यौवन से सुशोभित है। वह सत्यवादी बुद्धिमान राजा उशीनर की पुत्री है। वह अपनी सुन्दरता और धन के कारण मनुष्यों के लोक में अत्यन्त विख्यात है। हे भाग्यवान! मुझे उसके लिए बछड़े सहित यह गाय खरीदने की बड़ी इच्छा हो रही है।॥ 22-23॥
‘Her name is Jitvati. She is adorned with a beautiful form and youth. She is the daughter of the wise king Ushinar who is truthful. She is very famous in the world of humans for her beauty and wealth. O fortunate one! I have a great desire to buy this cow along with its calf for her.॥ 22-23॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥