vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री महाभारत
»
पर्व 1: आदि पर्व
»
अध्याय 99: महर्षि वसिष्ठद्वारा वसुओंको शाप प्राप्त होनेकी कथा
»
श्लोक 11
श्लोक
1.99.11
अथ तद् वनमाजग्मु: कदाचिद् भरतर्षभ।
पृथ्वाद्या वसव: सर्वे देवा देवर्षिसेवितम्॥ ११॥
अनुवाद
भरतश्रेष्ठ! एक दिन पृथु, आदि वसु और सभी देवता भगवान को समर्पित उस वन में आये॥11॥
Bharatshrestha! One day, Prithu, Adi Vasu and all the gods came to that forest dedicated to God. 11॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×