Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.97.24: वैशम्पायन कहते हैं - अपने पुत्र शान्तनु को ऐसी आज्ञा देकर राजा प्रतीप ने तुरन्त ही उसे अपने राज्य का राजा अभिषिक्त कर दिया और स्वयं वन में प्रवेश कर गए॥ 24॥ | mahabharat अध्याय 1.97: राजा प्रतीपका गंगाको पुत्रवधूके रूपमें स्वीकार करना और शान्तनुका जन्म, राज्याभिषेक तथा गंगासे मिलना । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वैशम्पायन उवाच
एवं संदिश्य तनयं प्रतीप: शान्तनुं तदा।
स्वे च राज्येऽभिषिच्यैनं वनं राजा विवेश ह॥ २४॥
अनुवाद
वैशम्पायन कहते हैं - अपने पुत्र शान्तनु को ऐसी आज्ञा देकर राजा प्रतीप ने तुरन्त ही उसे अपने राज्य का राजा अभिषिक्त कर दिया और स्वयं वन में प्रवेश कर गए॥ 24॥
Vaishmpayana says - Having given such orders to his son Shantanu, King Pratipa immediately anointed him as the king of his kingdom and himself entered the forest.॥ 24॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥