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mahabharat 1.96.5: यह देखकर सभी देवताओं ने तुरंत अपना मुख नीचे कर लिया; परन्तु राजा महाभिष निर्भय होकर देवा नदी की ओर देखते रहे।   |   mahabharat अध्याय 1.96: महाभिषको ब्रह्माजीका शाप तथा शापग्रस्त वसुओंके साथ गंगाकी बातचीत   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 96: महाभिषको ब्रह्माजीका शाप तथा शापग्रस्त वसुओंके साथ गंगाकी बातचीत  »  श्लोक 5
 
 
श्लोक  1.96.5 
ततोऽभवन् सुरगणा: सहसावाङ्मुखास्तदा।
महाभिषस्तु राजर्षिरशङ्को दृष्टवान् नदीम्॥ ५॥
 
 
अनुवाद
यह देखकर सभी देवताओं ने तुरंत अपना मुख नीचे कर लिया; परन्तु राजा महाभिष निर्भय होकर देवा नदी की ओर देखते रहे।
 
Seeing this all the gods immediately turned their faces downwards; but king Mahabhis remained without any fear and kept looking towards the river Deva.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)