Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.96.20: गंगाजी ने कहा - ठीक है, मैं ऐसा ही करूंगी; परंतु राजा ने पुत्र के लिए मुझसे जो संबंध बनाया है, वह व्यर्थ न जाए, इसलिए उसके लिए भी एक पुत्र की व्यवस्था की जाए। | mahabharat अध्याय 1.96: महाभिषको ब्रह्माजीका शाप तथा शापग्रस्त वसुओंके साथ गंगाकी बातचीत । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
गंगाजी ने कहा - ठीक है, मैं ऐसा ही करूंगी; परंतु राजा ने पुत्र के लिए मुझसे जो संबंध बनाया है, वह व्यर्थ न जाए, इसलिए उसके लिए भी एक पुत्र की व्यवस्था की जाए।
Gangaji said - Okay, I will do the same; but that the relationship that the king made with me for a son should not go in vain, hence a son should also be arranged for him.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥