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mahabharat 1.96.19: वसुओं ने कहा, "हे तीनों लोकों में प्रवाहित होने वाली गंगा! जब हम आपके गर्भ से उत्पन्न हों, तो आप हमें तुरंत अपने जल में प्रवाहित कर दें, जिससे हम शीघ्र ही मृत्युलोक से मुक्त हो जाएँ।"   |   mahabharat अध्याय 1.96: महाभिषको ब्रह्माजीका शाप तथा शापग्रस्त वसुओंके साथ गंगाकी बातचीत   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 96: महाभिषको ब्रह्माजीका शाप तथा शापग्रस्त वसुओंके साथ गंगाकी बातचीत  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  1.96.19 
वसव ऊचु:
जातान् कुमारान् स्वानप्सु प्रक्षेप्तुं वै त्वमर्हसि।
यथा न चिरकालं नो निष्कृति: स्यात् त्रिलोकगे॥ १९॥
 
 
अनुवाद
वसुओं ने कहा, "हे तीनों लोकों में प्रवाहित होने वाली गंगा! जब हम आपके गर्भ से उत्पन्न हों, तो आप हमें तुरंत अपने जल में प्रवाहित कर दें, जिससे हम शीघ्र ही मृत्युलोक से मुक्त हो जाएँ।"
 
The Vasus said, "O Ganga who flows in all the three worlds! When we are born from your womb, you should immediately throw us in your water so that we can be freed from the mortal world very soon."
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)