Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.96.18: गंगाजी ने कहा- हे निष्पाप देवताओं! मैं भी वैसा ही सोचती हूँ जैसा आप कहते हैं। मैं राजा शान्तनु का कल्याण करूँगी और आपका यह अभीष्ट कार्य भी पूर्ण करूँगी॥ 18॥ | mahabharat अध्याय 1.96: महाभिषको ब्रह्माजीका शाप तथा शापग्रस्त वसुओंके साथ गंगाकी बातचीत । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
गंगाजी ने कहा- हे निष्पाप देवताओं! मैं भी वैसा ही सोचती हूँ जैसा आप कहते हैं। मैं राजा शान्तनु का कल्याण करूँगी और आपका यह अभीष्ट कार्य भी पूर्ण करूँगी॥ 18॥
Gangaji said- O sinless gods! I too think the same as you say. I will do good to King Shantanu and will also accomplish this desired task of yours.॥ 18॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥