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श्री महाभारत
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पर्व 1: आदि पर्व
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अध्याय 95: दक्ष प्रजापतिसे लेकर पूरुवंश, भरतवंश एवं पाण्डुवंशकी परम्पराका वर्णन
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श्लोक 70
श्लोक
1.95.70
ततश्च धृतराष्ट्रेण व्याजेन वारणावतमनुप्रेषिता गमनमरोचयन्॥ ७०॥
अनुवाद
इसके बाद जब धृतराष्ट्र ने किसी बहाने से पाण्डवों को वारणावत नगरी में जाने के लिए प्रेरित किया, तब वे वहाँ से जाने को तैयार हो गए॥ 70॥
After this, when Dhritarashtra, on some pretext, induced the Pandavas to go to the city of Varanavat, they agreed to go from there.॥ 70॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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